Pgdt MTT 51 DEC 2023 NOTES
प्रश्न 1. अनुवाद के अर्थ एवं स्वरूप पर प्रकाश डालिए| उत्तर: अनुवाद एक भाषा में कही गई बात को दूसरी भाषा में कहना है। "अनुवाद" मूल रूप से संस्कृत का शब्द है जो अनु+ वाद के संयोग से बना है। जहां अनु का अर्थ पिछे तथा वाद का अर्थ कथन/विचार/भाषण (भाव वाचक संज्ञा) आदि है। इस प्रसार अनुवाद शब्द का व्युत्पतिक अर्थ है - अनुकथन है अर्थात किसी की कही बातों को पुनः अधिक स्पष्टता से कहना। अनुवाद के समानार्थी में कई शब्दों का प्रयोग किया जा सकता है जैसे - अनुवचन, अनुवाक, पश्चात्ककथन, भाषानुवाद, आवृति, सार्थक आवृति आदि। भारतीय शिक्षा पद्धति विशेषकर प्राचीनकालीन शिक्षा में गुरुकुल, गुरू और शिष्य का महत्त्व था। गुरू जो भी मंत्र या कथन उच्चारण करते थे शिष्य भी उनकी बारंबार पुनरुक्ति करते थे। इसी मौखिक पुनरूक्ति व्यवस्था को आज के अनुवाद शब्द की उत्पति ओर अर्थ से समझा जाता है। हिंदी के अनुवाद शब्द अंग्रेजी में "Translation" शब्द के रुप मे प्रचलित है जो translate (Verb ) का संज्ञा रूप है। TRANSLATE शब्द की उत्पति लैटिन शब्द"Translatum से हुई है जो"TRANS+LATUM ...