MTT 53 colour full Notes

 


PGDT MTT 53

अनुवाद: भाषिक और सामाजिक - सांस्कृतिक सन्दर्भ



https://youtu.be/H_gNiCqyzco?si=xfa_8KFRWCHy-x0C


भाषा की प्रकृति और स्वरुप: संरचना की दृष्टि से बहुत जटिल और प्रयोग की दृष्टि से बहु आयामी है। समाज और भाषा दोनों ही एक दूसरे से लिपटी हुई है।


भाषा केवल ध्वनियों का समूह या अभिव्यक्ति मात्र नही है, वरन वह मानुष्य की व्यक्तिगत और सामाजिक असिमता की परिचायक भी है।


भाषा मनुष्य के मानसिक और बौद्धिक स्तर के मापदंड भी है।


भाषा वो कड़ी है जो हमारे वर्तमान को हमारे प्राचीन मूल्यों और परंपराओं से जोड़ रखी है।


  • अघोष: voiceless

  • अल्पप्राण: unspirated

  • महाप्राण: aspirated

  • घोष: voiced


वाक्: वाक् का अर्थ होता है, वाणी और प्रतीक  जो ध्वनि समूह/शब्द के भाव बोध कराने वाले प्रतीक है। यह यादृच्छिक (arbitrary) होता है अर्थात् मनमाना। जैसे: 

 कमल को कमल क्यों कहते हैं, गुलाब भी कह सकते थे, इसमें कोई लोजिक है क्या, नही न। ऐसा इसलिए क्योंकि कोई संगत की आवश्यकता नही है जो प्रचलित हो जाय वही ठीक है।





भाषा की इकाइयां


ध्वनि;भाषा की लघुत्तम इकाई ध्वनि है।


स्वनिकी: केवल ध्वनि के उच्चारण से सम्बन्धित है, जेसे 'c' का उच्चारण (क) cat भी होता है,(स) city भी।


स्वनिम:(phonology) कोई भी ध्वनि यदि भाषा की अन्य धवनियों के विरुद्ध में लघुतम युग्म में उच्चारण हो, अर्थ भेद में सहायक हो, उसे स्वनीम कहते हैं। 

जैसे काल: गाल, खाल तथा ल - ल आदि लगुत्तम युग्म है। इनमे कुछ ध्वनियां अलग है इन्ही भिन ध्वनियों (प, फ, ग,..) को हिन्दी में स्वनिम कही जाती हैं ।

ये शुरु या अंत  में आ सकती है।



रूपिम:(morph/morphology)) भाषा संरचना की दुसरी इकाई को रूपिम कहा जाता है। जो भाषा की लघुत्त्म अर्थपूर्ण इकाई है। जैसे खाया शब्द में, दो रूपिम है "खा" ओर "या "।

व्यंजनात क्रिया के मूल में "या" जोड़ते हैं वहीं स्वरांत क्रिया के मूल में " आ" जोड़ते हैं। ये दो प्रकार के होते हैं:

  • मुक्त (free): 

  • आबद्ध (Bound)


मुक्त रूपिम में जहां केवल एक ही तत्व होता है, इनका प्रयोग स्वतंत्र होता है, इन्हे पुनर्विभाजित नही किया जा सकता है। जेसे लड़का, कुर्सी, फूल, घड़ी, आदि।


अाबद्ध रूपिम, स्वतंत्र नही होते, इनका प्रयोग मुक्त रूपिम के साथ होता है,। जैसे नकारात्मक शब्द प्रकट करने में इसका प्रयोग किया जाता है: अ;संतोष, निर; निरक्षर आदि



अर्थ: किसी भी शब्द के दो प्रकार के अर्थ हो सकते हैं;

  • निहितार्थ: denotation

  • संकेतार्थ: connotation

निहितार्थ से तात्पर्य उस अर्थ से है जो उस वस्तु विशेष में प्रत्यक्ष रूप से संबद्ध हो जबकि 


संकेतार्थ वस्तु से परोक्ष रूप में जुड़ा रहता है। जैसे; "काला" शब्द में और head शब्द में 

  • निहितार्थ अर्थ: रंग विषेश काला, सिर 

  • संकेतार्थ अर्थ: काला बाज़ार, काला धन । हेड मास्टर(मुख्य)


अर्थ का विस्तार भी हो सकता है और संकोच भी जैसे संस्कृत में एक अर्थ था अब अनेक हो गए हैं;


  • तेल: सरसों तेल, मुगफली तेल आदि

  • स्याही: काली स्याही, लाल स्याही आदि


"मृग" शब्द संस्कृत में सभी पशुओं के लिए प्रयुक्त होता था मगर आज ये पशु विषेश (हिरण)) के लिए प्रयुक्त होता है।




भाषा के प्रकार्य ( कार्य)


भाषा के निम्नलिखित प्रकार्य (कार्य/उद्देश्य) होते हैं:


  • राजभाषा/प्रशासन की भाषा: जिस भाषा का एतिहासिक, राजनैतिक, ओर साहित्यिक दृष्टी से महत्त्व हो उसको राजकाज में या प्रशासन के कार्यों को करने में उपयोग किया जाता है। इसे राजभाषा या प्रशासन की भाषा कहते हैं। जैसे ब्रिटिश भारत में अंग्रेजी तथा वर्तमान भारत में हिंदी और अंग्रेजी देश की प्रशासन की भाषा है। हिंदी राजभाषा है किंतु अंग्रेजी नही।( अनुसूची सात में 22 भाषाएं में अंग्रेजी नही)


  • संपर्क भाषा: भिन्न भिन्न बोलियों/भाषाओं के बीच एक संपर्क/माध्यमिक भाषा होना आवश्यक है तभी कुशल संप्रेषण और कार्य संचालित हो सकता है। भारत में हिंदी संपर्क भाषा का काम करती है क्योंकि इसे पूरे देश के लोग समझ सकते हैं । अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर यही कार्य अंग्रेजी करता है।


  • संचार माध्यम की भाषा: समाज में बहुप्रचलित भाषा को संचार माध्यम की भाषा बनाई जाती है। पूरे भारत में यह कार्य हिंदी करती है वही राज्य विशेष में उनकी क्षेत्रीय भाषाएं या हिंदी।


  • शिक्षा: शिक्षा के विभिन्न चरणों/स्तरों में भाषा के महत्वपूर्ण कार्य होता है। जैसे प्राथमिक स्तर में मातृभाषा, फिर, क्षेत्रीय भाषा व हिन्दी, तथा अंग्रेजी आदि भारत में प्रचलित है (त्रिभाषा सूत्र 1968)


  • साहित्य: जिस भाषा में रचनाकार अपनी गहनतम अनुभूतियों को गड़ पाते हैं उसे ही साहित्य में इस्तेमाल किया जाता है। जैसे प्राचीन भारत में संस्कृत साहित्यिक भाषा थी, कालांतर में क्रमश ब्रजभाषा, अवधी, हिंदी आदि हो गईं हैं।




व्यतिरेकी विश्लेषण और अनुवाद

(Contrastive Analysis)

(तुलनातमक विश्लेषण )



व्यतिरेक एक संस्कृत शब्द है जिसका शाब्दिक अर्थ है – विरोध/असमानता। इस प्रकार व्यतिरेकी शब्द का अर्थ होता है – विरोध/असमानता दिखाने वाला शब्द। इसे व्यतिरेकी भाषा विज्ञान (Contrastive Linguistics) के अन्तर्गत अध्यन किया जाता है।

 कुछ भाषाविद इसे "  तुलनातमक भाषाविज्ञान"(Comparative Linguistics)  भी कहते हैं। 


हालांकि कई  और भाषाविदों की अपनी अपनी राय है मगर यहां डा भोलानाथ तिवारी की राय उल्लेख करना समीचीन होगा । उन्होंने अपनी पुस्तक " व्यतिरेकी भाषाविज्ञान" में कहा है कि – यह भाषा विज्ञान के उस प्रकार को कहते हैं, जिसमें दो भाषाओं/भाषा रूपों की विभिन्न स्तरों पर तुलना करके उनकी आपसी विरोधों को (व्यतिरेकी/कॉन्ट्रास्ट) पता लगाते हैं।


उपरोक्त विवेचन से  यह पता चलता है कि व्यतिरेकी विश्लेषण में दो भाषाओं की उन संरचनाओं पर विशेष बल दिया जाता है जो असमान होती है। भाषा सीखने और अनुवाद कर्म में ये असमान तत्व बाधक सिद्ध होते हैं। 







व्यतिरेकी विश्लेषण के फायदे


  • दो भाषाओं के ध्वनि, लिपि, पदबंध, संज्ञा, सर्वनाम, क्रिया, क्रिया - विशेषण, वाक्य संरचना, काल, वचन, पुरुष, वाच्य, मुहावरे आदि सभी उपादानों और भाषा - विशेष के समाजिक - सांस्कृतिक आयामों की समकक्ष संरचनाओं के बीच परिव्याप्त व्यतिरेकी को स्पष्ट करने में सहायक है।


  • इससे भाषा सीखने - सीखाने , अनुवादकों, आदि को दोनो भाषाओं की वास्तविक रूपों, अर्थ भावों को समझने में आसानी हो सकता है।


  • जेसे हिन्दी के विभिन्न परसर्गों, संयोजको के लिए अंग्रेजी में: of,by, from,near,far,to,and,or,as well as..etc का प्रयोग किया जाता है। ऐसा तुलनात्मक (व्यत्रिकी) के अध्य्यन से ही संभव है।





व्यतिरेक विश्लेषण और तुलनात्मक भाषाविज्ञान में अंतर;


व्यतिरेकी भाषा विज्ञान में दो भाषाओं या भाषा रूपों की विभिन्न स्तरों का तुलना करते हुए उनके बीच के आपसी विरोधों अर्थात् व्यतिरेकी का पता लगाया जाता है ताकि ये पता चल सके कि उनके बीच किन किन स्तरों में अलगाव है। इसी प्रकार तुलना करके उनमें अन्तर के विषय खोजे जाते हैं। अत: यह "तुलनातमक भाषाविज्ञान: के समरूप ही है फिरभी कुछ तात्विक अन्तर देखने को मिलता है जो इस प्रकार है;


तुलना सम्बंधी आधार दृष्टि में अन्तर

  • दोनों में तुलना किया जाता है। ये इनकी समानता है किंतु जहां तुलनातमक भाषा विज्ञान में तुलना के पश्चात् समानता के पक्षों पर बल दिया जाता है जबकि व्यतिरेकी विश्लेषण में विरोधी पक्षों पर बल दिया जाता है।


  • तुलनातमक भाषाविज्ञान, दोनों भाषाओं में समानता के बिंदु खोजकर उसे एक भाषा वर्ग/ परिवार में लाने का प्रयास करता है जबकि व्यतिरेकी दोनों भाषाओं में विरोधी तत्वों को खोजकर इसका अनुवाद/भाषा शिक्षण में लाभ उठाने की रणनीति बनाती है।


अध्ययन काल का अंतर;

तुलनातमक भाषाविज्ञान में दो भिन्न भिन्न कालों की भाषाओं की तुलना किया जाता है वहीं व्यतिरेक विश्लेषण में एक ही समय की दो भाषाओं के बीच तुलना किया जाता है। अर्थात् व्यतिरेकी का संबंध आधुनिकता से अधीक है।


उद्वेश्य के स्तर पर अंतर

  • तुलनातमक भाषाविज्ञान का मुख्य उद्देश्य, भाषिक पारिवारिक संबंध स्थापित करना है वहीं व्यतिरेकी में भाषा शिक्षण/अनुवाद कार्य को सरल बनाना है (द्विभाषी कोश)


  • एक तुलनातमक भाषाविज्ञान का संबंध कालक्रमिक अध्ययन से है वही व्यतिरेकी भाषाविज्ञान समकालिक अध्ययन से।


अध्ययन क्षेत्र के स्तर पर अंतर;

तुलनात्मक अध्ययन में अध्ययन क्षेत्र सीमित है: कुछ ध्वनियों, रूपों वहीं व्यतिरेकी का क्षैत्र व्यापक है: ध्वनि, व्याकरण,शब्द, अर्थ,वाक्य आदि सहित संस्कृती का अध्ययन ।

 कुलमिलाकर यही कहा जा सकता है कि इस स्तर पर तुलनातमक भाषाविज्ञान, व्यतिरेक विश्लेषण में समाया हुआ है तथा दोनो में अधिक अंतर नहीं है।






व्यतिरेकी विश्लेषण और अनुवाद की परस्पर निर्भरता


प्रत्येक भाषा में कुछ न कुछ भिन्नता अवश्य होती है । यह भिन्नता ही व्यतिरेकी विश्लेषण और अनुवाद का आधार है। अर्थात इनकी दो भाषाओं से संबंध है। इनमे से एक को स्रोत भाषा कहा जाता है तो दूसरी को लक्ष्य भाषा कहा जाता है।


परस्पर निर्भरता

  • अनुवाद कार्य  के दौरान स्रोत भाषा में की गई बात को लक्ष्य भाषा में रूपांतरित किया जाता है। वहीं व्यतिरेकी विश्लेषण में स्रोत भाषा की सरंचना का लक्ष्य भाषा की सरंचना के साथ तुलनातमक विश्लेषण किया जाता है।


  • स्रोत भाषा से लक्ष्य भाषा की ओर उन्मुख होने के कारण अनुवाद एकदिशातमक (uni-directional) होता है। वहीं स्रोत भाषा एवं लक्ष्य भाषा, दोनों की ओर परस्पर उन्मुखी होने के कारण व्यतरिकी विश्लेषण द्वि - दिशात्तमक (bi- directional) होता है।


  • व्यतिरिकी विश्लेषण और अनुवाद दोनों का संबध कम से कम दो भाषाओं से है।





परिभाषिक शब्द

  • अंगीकृत परिभाषिक शब्द

अंतर्राष्ट्रीय शब्दो जेसे व्यक्तियों के नाम पर ( वोल्टमिटर, केल्विन,) रासायनिक तत्वों के नाम (ऑक्सीजन,) , पेट्रोल, डीजल, आदि का देवनागरी में लिप्यांतरण कर दिया जाना अंगीकार है।


  • अनुकूलन परिभाषित शब्द

शब्द को भाषा के अनुरूप ढालना,। संकर शब्द (hybrid words) : आयनीकरण, साबुनीकरण,। इसमें देशी शब्द+विदेशी शब्द=संकर शब्द।


  • नवनिर्माण परिभाषिक शब्द

जिनका भारतीय भाषाओं में पर्याप्त पर्याय न हो, जिसे अंगीकृत करना संभव नही, उन्हे नव निर्माण कर दिया जाता हैं। जैसे संस्कृत के धातु में प्रत्यय/उपसर्ग लगाकर बनाया जाता है। जेसे

क्रिया से: प्रक्रिया, सक्रिया, अनुक्रिया,


रक्षण: अनुरक्षण, परिरक्षण, आरक्षण, संरक्षण


Copyright,privilege, authority: प्राधिकार

Academy: अकादमी

Deputy director: उपनिदेशक

Director general: महानिदेशक


  • अनुवाद से बनाए गए परिभाषिक शब्द

Cold war:  शीत युद्ध

Acid rain : अम्लीय वर्षा

Workshop : कार्यशाला

Managing director: प्रबंध निदेशक

Iron curtain : लोह पट

Development council:  विकास परिषद् 







भाषा प्रयुक्ति की अवधारणा और अनुवाद



भाषा प्रयुक्ति: से तात्पर्य प्रयोग में लाना। प्रयुक्ति शब्द "प्रयुक्त" शब्द से बना है जिसका अर्थ है– प्रयोग में लाया गया। अंग्रेजी में इसे "register" पर्याय रूप में इस्तेमाल किया जाता है।


भाषा विज्ञान के अनुसर " रजिस्टर "  एक परिभाषिक शब्द है जो भाषा के भीतर पाए जाने वाले रूप भेदों (Variations) का द्योतक है।


प्रसिद्ध भाषा विज्ञानीक:

  • हैलिडी (Halliday) के अनुसार "रजिस्टर: भाषा की उन प्रयोगाश्रित विविधताओं ( वैरिएशन according to use)  को कहा जाता है जो किन्ही विशिष्ट क्षेत्रों/स्थितियों को प्रकट करता है।

  • जिन एतिस्चन (Jean Atchison) के अनुसार 'register ' भाषा की विशेषीकृत शैलियां है।


अतः प्रयुक्ति विशिष्ट स्थितियों या क्षेत्रों की विशेषीकृत भाषा है।

  • जैसे डॉक्टर,वैज्ञानिक, खिलाड़ी, सामान्य मानव, अशिक्षित मानव सैम बात कहने के लिए भिन भिन शब्दो या शेलियो का प्रयोग करता है यही तो प्रयोक्ति है। जैसे इन वाक्यों को देखिए; 

  1. यदि आप अन्दर पधारेंगे तो आपका बहुत आभारी होगा ।

  2. कृपया अंदर बधारें।

  3. अन्दर आओ।

तीनों में समाजिक आधार पर कभी भिन्नता है।




भाषा प्रयुक्ति के निर्धारक तत्व

 प्रयुक्ति को प्राभावित करने वाली प्रमुख तत्व है: भाषा की संरचनात्मक घटक  है जैसे ;

  • शब्दावली: कानूनी और डॉक्टरी शब्द में अन्तर 


  • पदक्रम

  • वाक्य विन्यास:न्यूज हेडिंग में क्रिया छोड़ दिए जाते हैं। : ब्रिटेन की महारानी 2 oct को भारत दौरे पर " 

  • शैली आदि: कोर्ट में राजेश बनाम राहुल: "बनाम " शब्द के लिए बिच में कहना उचित नहीं, औपचारिकता 

  • अर्थ भिन्नता: शून्य को क्रिकेट में duck, टेनिस में love, चौसर में nil कहते है।






प्रयुक्ति का आधार


प्रयुक्ति का आधार इन चीजों पर निर्भर करता है;


  • भाषा प्रयोग का विषय क्षेत्र: व्यापार, है या क्या । जैसे चांदी टूटी गिन्नी उछली

का आशय है बाजार में चांदी सस्ती हुई गिन्नी महंगी। ठेठ देशी शब्द


  • संप्रेषण की पद्धति: संप्रेषण मौखिक है या लिखित। मौखिक है तो रेडियो, टेलीविजन , वार्तालाप कहां,। लिखित है तो समाचार, पत्र, दोनों में शब्दावली की चयन शैली आदि की लहजा में भींता देखने को मिलता है। वाणी की उतार चढ़ाव, शारीरिक भंगिमाएं आदि।


  • वक्ता श्रोता/ पाठक लेखक की स्थिति; अपने माता पिता भाई,दोस्त, सहपाठी, शिक्षक ऑफिसर सभी के साथ वार्तालाप में अन्तर दिखाई देता है। लिखित संदेश, मौखिक की तुलना मैं अधिक औपचारिक होता है।


  • भाषा प्रयोग की औपचारिक या अनौपचारिक स्थति: 






विभिन्न प्रयुक्तियों की भाषिक विशिष्टताएं

 

समाज और जीवन के विविध कार्यक्षेत्र के आधार पर किसी भाषा की सामान्यत: निम्नलिखित प्रयुक्तियाँ हो सकती है:

  • सामान्य व्यवहार: अनुपचारिक, लचीला, सहज शैली,

  • साहित्यिक प्रयुक्ति: गोदान की उदाहरण " उस मजदूर ने कहा – कैसा जी है होरी भैया?

  • समाजिक विज्ञान संबंधी प्रयुक्ति: p(x) = 

  • वाणिज्य व्यापार की प्रयुक्ति: क्रेडिट, जर्नल,

  • वैज्ञानिक प्रयुक्ति: π<✓©%

  • प्रशसनिक प्रयुक्ति: समीचीन, उद्देशिका, परिसीमन,

  • विधिक प्रयुक्ति

  • मीडिया और  पत्रकारिता प्रयुक्ति

  • विज्ञापनी प्रयुक्ति: 

  • खेल सम्बंधी प्रयुक्ति 





अनुवाद की दृष्टि से प्रयुक्ति का महत्त्व


  • प्रयुक्ति भाषा विज्ञान का एक भाग है और अनुवाद अपने आप में भाषा विज्ञान के कई परिविधियों को समेटे हुवे है।


  • यह दो भाषाओं के बीच अन्तर आदि को बताता है जो अनुवाद में आवश्यक तो है ही। अतः भाषा के विविध रूप भेदों को पहचाना अनुवादक के लिए आवश्यक है।






  • प्रोक्ति (discourse)

कुछ भाषा विज्ञानिक इसे भाषा की आधारभूत इकाई मानते है। 


यह प्रयुक्ति ही है जो किसी शब्द विशेष का अर्थ उसी अंदाज़ में पाठक तक पहुंचता है। 

जैसे "फल" शब्द का प्रयोग करने वाले लेखक जिस सन्दर्भ में इसे वाक्य में प्रयोग किया है वही पढ़ने वाले भी समझे इसी को प्रोक्ति है।


प्रोक्ति की संरचना, वाक्य की सरंचना से भिन होती है । लेखक इसमें अपनी बात पाठक तक पहुंचाने के लिए कई युक्तियां अपना सकता है  जैसे; 


भाषेतर युक्तियाँ; स्वर में उतार चढाव, शब्दों पर जोर, विराम चिन्ह, वाक्यों को अधूरा छोड़ना आदि।


प्रोक्ति के वाक्यों में तारतम्यता: वाक्यों को तर्को यादि से जोड़ने के लिए लेकिन, चूंकि, यद्यपि आदि।


वाक्य शब्द क्रम ,संदेश के मूल भाव के अनुसार:" अच्छा रहने दो, मुंह से अशुभ मत निकालो, तुमसे कोई अच्छी बात भी कहे तो कोसने लगते हो।"





संप्रेषण का व्यापार


एक साधारण संप्रेषण होने के लिए निम्नलिखित का होना आवश्यक है;

  • संदेश : massage 

  • माध्यम: channel (मौखिक/लिखित)

  • प्रेषक: sender (वक्ता/लेखक)

  • प्रापक (receiver (श्रोता/पाठक)


संप्रेषण की इस प्रक्रिया में संदेश को तीन स्तरों से गुजरना पड़ता है;

  • प्रेषक द्वारा संदेश को प्रपाक तक पहुंचाना

  • प्रापक द्वारा संदेश में निहित अर्थ को समझना

  • अपनी प्रतिक्रिया देना


जब ऐसा नहीं हो पाता है तब समस्या/गतिरोध उत्पन्न होती है क्योंकि 

  • प्रेषक जो वास्तव में कहना चाहता है: शाब्दिक अर्थ/लक्ष्यार्थ वो ठीक से या वही प्रापाक(receiver) तक नहीं पहुंच पाता है

  • प्रापक दुसरा अर्थ भी निकाल सकते है।

    • "जैसे: सीता आर्दश पति चाहती हैं "

 इस वाक्य में यह संभावना रहती है कि पाठक "आर्दश" को एक आदमी भी मान ले अथवा विशेषण भी।





संप्रेषण के सामाजिक सांस्कृतिक सन्दर्भ/उद्देश्य


हम कब, कहां, किससे, क्यों, कैसे, किस विषय में बात करते हैं – ये सारे समाजिक रिश्ते नाते, आदि द्वारा निर्धारित होते है जेसे

#कोन किससे बात कर रहा है; इसके लिए जरूरी है :

  • वक्ता श्रोता के आपस की समाजिक स्तर पर रिश्ते की पहचान

  • उनकी आयु,

  • उनकी लिंग, 

  • उनकी शैक्षिक योग्यता,

  • उनकी सामाजिक वातावरण, स्थान। 

  • जैसे बेटा बेटी के बिच वार्तालाप और बच्चों का अपने माता पिता से बातचीत में, अनपढ़ और शिक्षित व्यक्ति और डॉक्टर मरीज़ के वार्तालाप में बहुत भिन्नता होता है। 



#संप्रेषण कहां हो रहा है?

  • मित्र के बीच खेल के मैदान में/घर में/स्कूल मे अन्तर देखने को मिलेगा।(औपचारिक अनौपचारिक)


संप्रेषण किस विषय पर हो रहा है?

  • विज्ञान से/इतिहास से/ फ़िल्म से/बाजार से/ लव लाइफ/ मोटिवेशनल/ इन सभी विषयों में बातचीत की लहजा विष्यानुशार बदल जाती है।


 अभिव्यक्ति की सीमा:

  • संदेश भेजने के लिए कोन सी माध्यम का चयन किया जाता है इसपर भी निर्भर करता है की बोलने/लिखने वाले कितने शब्दो में अपनी बात पूरी करेगा क्योंकि "तार माध्यम"से संक्षिप्त संदेश भेजा जा सकता, वहीं " लेटर" में कुछ अधिक भेजा जा सकता है। अगर ईमेल से बात करे तो इसमें भी सीमा है( 10 हज़ार शब्दो आदि) । अगर PDF से भेजें तो काफ़ी भेजा जा सकता है। अत सभी में अपनी सीमा है।










हिन्दी अंग्रेजी वाक्यों में तारतम्यता(क्रम)



कर्म का स्वरूप एवं स्थान (form & place of Object)

वाक्य में एक कर्म भी हो सकता है और दो भी परन्तु अधिकांश वाक्यों में एक कर्म देखने को मिलता है।

इसका रूप: संज्ञा, सर्वनाम,definite, gerund,clause 


English sentence sequence : Sub+V+Obj.

  • संज्ञा; The man killed a tiger with his gun.

  • सर्वनाम: she helped me.

  • InDefinite: My guest desires to leave me tomorrow.

  • Gerund: My sister likes sleeping in the afternoon.

  • Clause: We do not know who will come.



हिंदी वाक्य क्रम: कर्ता+कर्म+क्रिया।


  • मनुष्य ने चीते को बंदूक से मारा।

  • उसने मेरी सहायता की।

  • मेरे अतिथि मुझसे कल विदा लेना चाहते हैं।

  • मेरी बहन अपराह्न में सोना पसंद करते हैं।

  • हमे नहीं मालूम कि कोन आया है।


द्विक्रमक वाक्य: tell,ask,give,sell, write, buy, present,offer,bring, promise,find…

  • दो object हो

    • वस्तु सूचक: direct Obj (main)

    • प्राणी सूचक: indirect Obj (गौण)


  1. He told me a story .

 उसने मुझे एक कहनी सुनाई।


  1. We gave him some money .

 हमने उसे कुछ रुपए दिए।


  1. She wrote him a letter.

उसने उसे एक पत्र लिखा।


  1. You find me an efficient helper.

आप मेरे लिए एक कुशल सहायक ढूंढे।


  1. He wrote poems and stories.

उसने कविताएं और कहानियां लिखीं।


इस प्रकार हम देखते है कि हिंदी वाक्यों और अंग्रेजी वाक्यों में शब्दो की तारतमयता (क्रम:order) अलग अलग होती है। हिंदी में वाक्य क्रम;कर्ता- सजीव कर्म-निर्जिव कर्म और क्रिया होते है वहीं अंग्रेजी में वाक्य क्रम; कर्ता - क्रिया - सजीव कर्म - निर्जिव कर्म होते हैं।




Transitive Verb of Incomplete Prediction


जो सकर्मक क्रियाएं अपने कर्म के रहते हुवे भी अपने कर्ता के विषय में पूर्ण विधान/व्याख्या नही कर पाती है, उसे transitive Verb of Incomplete Prediction कहते हैं।


इस विधान की पूर्णता के लिए कुछ शब्दों के समूह जोड़ा है जिसे पूरक (complement) कहते हैं। कई बार इसे object complement भी कहा जाता है। जैसे;

  1. They made him monitor

उन्होंने मुझे मॉनिटर बनाया।


  1. The jailor set the prisoner free.

जेलर ने कैदी को मुक्त किया।

  1. They found the guard asleep.

उन्होंने चौकीदार को सोता पाया।





सजातीय कर्म (cognate object)


  • कुछ अकर्मक क्रियाओं के बाद ऐसी संज्ञाएं आती है जिनका अर्थ इन अकारमक क्रियाओं में ही निहित होता है। जैसे


उसने अच्छा जीवन जिया।

He lived a good life.


यहां पर life का अर्थ lived Verb में सन्निहित है। अत Life संज्ञा lived क्रिया का सजातीय (cognate object) है।






विशेषण (adjective)


 

वाक्य सरंचना में विशेषण दो प्रकार के  प्रयोग होते है: 

  • संज्ञा के पूर्व: Attributive Use (विशेष्य विशेषण : इसमें विशेषण संज्ञा से सटकर रहते हैं 

  • संज्ञा के पश्चात्: Predicative use (विधेय विशेषण): इसमें सटकर नहीं रहता, यह समान्यत; पूरक विशेषण के रुप मे होता है।


नोट; हिन्दी अंग्रेजी अनुवाद में विशेषण को लेकर कोई समस्या नही होना चाहिए क्योंकि जिस तरह हिन्दी में संज्ञा के आगे पीछे प्रायोग कर सकते है बस वैसे ही अंग्रेजी में भी विशेषण का प्रयोग किया जाता है । जैसे:

एक कमज़ोर आदमी।

A weak Man.


वह कमज़ोर प्रतीत होता है।

He seems to be weak.



उसने एक नया उपन्यास लिखा।

She wrote a new novel.


उसका उपन्यास नया है।

Her novel is new.


राजेश होशियार है।

Rajesh is clever.


जब  एक से अधिक कई विशेषण का प्रयोग किया जाता है तब समान्यत: इसे संज्ञा के बाद रखा जाता है। जैसे;


  • They discussed all matters, political and social.

उन्होंने राजनीतिक एवं सामाजिक – सभी विषयों पर चर्चा की।

  • The Organisation serves all people,big or small,rich or poor,Hindus or Muslims ,blacks or whites.

संस्था बड़े - छोटे, अमीर - गरीब, हिंदू - मुस्लिम, काले -गोरे सभी की सेवा करती है।

  • This is the only answer possible.

केवल यही उत्तर संभव है। (जोर देने के लिए)

  • Everything necessary will be done.

जो भी आवश्यक है किया जाएगा।

  • Anyone interested is welcome to the meeting.

जिसकी भी रुचि हो उसका बैठक में स्वागत है।

  • She always does something useful in her leisure time.

वह अपने खाली समय में सदैव कुछ न कुछ उपयोगी कार्य करती है।


इन निश्चीत वाक्यांशो/ phrases में adjectives सदैव noun के बाद आते हैं:

  • Body politic

  • God almighty

  • Heir apparent

  • Lord paramount

  • Notary public

  • Time immemorial


कुल मिलाकर विशेषण का क्रम:



In English language: 


All/ both→pronominal adjectives → adjective of number → Adj of Quality → shape → size & colour → proper adj → epithet adj → 

Ex; 

  1. All my favourite new English novels.

मेरे सभी पसंदीदा नए अंग्रेज़ी उपन्यास।

  1. His very useful heavy steel almirah.

उसकी बहुत उपयोगी भारी स्टील अलमारी।


नोट; तुलनातमक विशेषण (comparative/superlative) का हिंदी अनुवाद करते समय विशेष ध्यान रखे;


जब समानता दिखे

  1. This shirt is as cheap and costly as that.

यह कमीज़ उतनी ही सस्ती कमीज़ है जितनी वह।


  • As Black as coal: कोयले की तरह काला

  • As Black as crow: किए की तरह काला

  • As blind as bat: चमगादड़ की भांति अंधा।

  • As bold as lion/as Brave as lion: शेर की तरह दिलेर।

  • As bright as silver: चांदी की तरह चमकीला

  • As busy as bee: मधुमक्खी की तरह व्यस्त

  • As changeable as moon: चंद्रमा की भांति परिवर्तनशील

  • As cold as ice: बर्फ की तरह ठंडा।



जब दोनों में एक को अधिक बताना हो (comparative)

  1. This shirt is more costly than that.

यह कमीज़ उससे अधिक कीमती है।




जब एक ही व्यक्ति/वस्तु में दो गुणों की तुलना करना हो तो  er वाला नही लगाए बल्की more/less लगाए। 


बनावट;

  1. वह बुद्धिमान कम है, शरीफ़ अधिक है।

He is more gentle than intelligent.

He is less intelligent than gentle.

He is not as intelligent as gentle.


  1. वह जितना विद्वान है उससे अधिक बुद्धिमान है।

He is more wise than learned.


जब तुलना 2 से अधिक के बीच हो तो:

  1. कावेरी दक्षिण भारत की सबसे अधिक प्रसिद्ध नदी है।

The Cavery is the most famous river of the south india.

  1. कावेरी दक्षिण भारत की किसी भी नदी से अधिक प्रसिद्ध है।

The Cavery is  more famous than any other river of the south India.

  1. दक्षिण भारत की कोई भी नदी इतनी प्रसिद्ध नही है जितनी कावेरी।

There is no river of the south India as famous as Cavery.


Each<every: सभी 

  • Each: दो/2+ संख्या सीमित हो 

  • Every: संपूर्ण समुदाय के लिए, संख्या असीमित हो,more than two 

  1. प्रत्येक कुर्सी भरी थीं।

Every seat was occupied.

  1. प्रत्येक बैंच पर चार लड़कियां बैठी थीं।

Four girls were seated on each bench.

  1. अगस्त के महीने में प्रतिदिन वर्षा हुई।

It rained every day during the month of August.

  1. मैं दस दिन बाहर था और प्रतिदिन वर्षा हुई।

I was away ten days and it rained each day.

  1. सौ रुपए प्रति कार्य दिवस

Rs. 100 for each day of work.


Little,a little, the little :material के लिए विशेषण) 

  • Little: नही के बराबर

  • A little: थोड़ा

  • The little: अधिक नही पर जो है सब


  1. मेरे पास थोड़ा भी पैसा नही है।

I have little money.

  1. उसके स्वास्थ्य होने की आशा नहीं के बराबर है।

There is a little hope of his recovery.

  1. मेरे पास थोड़ा सा पैसा है।

I have a little money.

  1. उसके स्वस्थ्य होने की थोड़ी सी आशा है।

There is a little hope of his recovery.

  1. थोड़ी सी व्यवहारिकता स्थिति संभाल सकती थी।

A little tact could have saved the situation.


  1. मेरे पास जो भी थोड़ा पैसा था मैने उसे खर्च कर दिया।

I spent the little money that I had.

  1. उसके पास अध्यापन का जो भी अल्प अनुभव था वह उसके लिए लाभप्रद सिद्ध हुआ।

The little experience of teaching that he possessed stood him in good stead.


Few,a few,the few (संख्या वाचक विशेषण)

  • Few: कुछ नही (negative)

  • A few; कुछ

  • The few: यद्धपि कम तथापि सब


  1. कुछ ही लोग 100 वर्ष की आयु तक पहुंच पाते हैं।

Few people reach the age of hundred years.

  1. कुछ पंजाबी हिन्दी का शुद्ध उच्चारण कर सकते हैं।

A few Panjabis Can pronounce Hindi words correctly.

  1. उसने जो टिप्पणियां की,बड़ी उपयोगी थी।

The few remarks that he made were very useful.

  1. The few friends he has are all very rich.

Much/many: संख्या 


  1. Many men said so. 

बहुत से व्यक्तियों ने ऐसा कहा है।

  1. Many a time I remembered you.

मैने आपको बहुत बार याद किया है।

  1. Many a man is present here.

यहां कई आदमी उपस्थित हैं।


Elder: only person

Older: person/thing

  1. Mohan is  elder of his two sons.

उसके दोनों पुत्रों में मोहन बडा है।

  1. His eldest son is an engineer.

 उसका सबसे बड़ा लड़का इंजीनियर है।

  1. Respect your elders.

अपने बड़ों का सम्मान करों।

  1. Ram was elder.

राम भरत के बड़े भाई थे।

  1. Our school is older than all other schools in the city.

नगर के अन्य विद्यालयों से हमारा विद्यालय अधिक पूराना है।


Farther vs further

  1. दिल्ली कोलंबो के बजाय विषुवत रेखा से अधिक दूर है।

Delhi is farther from the equator than Colombo.

  1. इसके अतिरिक्त उन्होंने अन्य कोई टिप्प्णी नही की है।

After this he made no further remarks.

  1. उत्तर पूर्व भारत में दिल्ली से दीमापुर तक ही आप रेल से जा सकते हैं।

In the north East India You Can go by train from Delhi to Dimapur.


Later: time

Last: क्रम सम्बंधी


  1. पहले मैंने उसे पसंद नहीं किया, बाद में उसे मैं बहुत चाहने लगा।

At first I did not like her, later I became very found of her.

  1. 8 बजे के पश्चात् न आइए।

Don't come later than 8 o' clock.

  1. गांधी जी का जन्म उन्नीसवीं सदी के परिवर्ति काल में हुआ।

Gandhiji was born in the later half of the 19th century.

  1. सबसे ताज़ा समाचार क्या है?

What is the latest news?

  1. यह इस पुस्तक का अद्यतन संस्करण है।

This is the latest edition of the book.

  1. इस सड़क पर उसका मकान अन्तिम है।

Her house is The Last on this road.

  1. अंतिम गाड़ी रात्रि को 11:30 बजे छूटती है।

The last train leaves at 11:30 in the night.


Nearest/ next: distance

A next: दूसरा/क्रम


  1. निकटतम डाकघर तीन मील दूर है।

The nearest post office is in three miles away.

  1. उसका घर मेरे घर के ठीक बाद ही है।

His house is next to mine.




Adverb/क्रियाविशेषण: शुरू, मध्य, अंत में 


  1. मिल्खा सिंह बहुत अच्छे धावक थे।

Milkha Singh was a very good runner.

  1. मिल्खा सिंह बहुत तेज़ तोड़ते थे।

Milkha Singh used to run very fast.

  1. उसने बहुत अच्छा बर्ताव किया।

He behaved very nicely.

  1. आप बहुत विलंब से आए।

You have come too late.

  1. मैं इतनी जल्दी जल्दी नहीं जा सकता।

I can not go very often.

  1. उसके मां बाप उसके प्रेम विवाह के सख्त खिलाफ है।

Her parents are dead against her love marriage.

  1. कील दीवार की ठीक पार निकल गई।

The nail went right through the Wall.

  1. आपका मुश्किल से ही कोई दोस्त है।

You have hardly any friends.

  1. लगभग प्रत्येक मीटिंग में भाग लेने आया।

Nearly everybody came to attend the meeting.

  1. बीस से अधिक मृत्यु घटित हुई।

Over twenty deaths took place.

  1. उसने ऐसी मजाकिया कहानी सुनाई।

She told us such a funny story.

  1. कार्यालय कुछ अस्त वयस्त था।

The office was rather in a mess.

  1. वह कितना बेवकूफ़ है।

What a fool he is!

  1. वह सीढ़ियों के नीचे से मेरी ओर चिल्लाया।

He shouted at me from downstairs.

  1. वह यहां आस पास किसी को नही जानता।

He doesn't know anybody around here.

  1. उसने कल से नहीं खाया है।

He has not eaten since yesterday.

  1. आज के पश्चात कोई बैठक नहीं होगी।

After today there will be no meeting.

  1. Now sarla is very happy.

 अब सरला बहुत प्रसन्न है।

  1.  Sarla is now very happy.

सरला अब बहुत प्रसन्न है।

  1. मेरा दोस्त आज खेत में सख्त परिश्रम कर रहा है।

My friend is working hard in the field today.

  1. Today My friend is working hard in the field.

  2. मैं इस वर्ष प्रतिमाह नियमित रूप से किराया अदा कर रहा हुं।

This year I am regularly paying my rent monthly.

Time+ manner+ manner 

  1. I am regularly paying my rent monthly this year.

Manner+ manner + time


  1. वह बाग में अपनी कुलाड़ी से दिन भर कार्य करता है।

He works with his axe in the garden the whole day.

Instrument+ place+ time

  1.  वह अपनी बाल्यावस्था में एक दो घंटे प्रतिदिन तैरा करता था।

He used to swim for an hour or so everyday during his  childhood.

Duration+ frequency+ time





Position of adverbs


वो जिसकी विशेषता बताए उसी के आस पास दे;


वह अक्सर कहती है कि वह मां से मिलने जाती है।

She often says that she goes to visit her mother 


अक्रमक क्रिया की विशेषता बताने पर समान्यत क्रिया के तुरंत बाद:


पितामह शांतिपूर्वक मरे।

The Grandfather died peacefully.


मेरा मित्र यहां रहता है।

My friend lives here.


वक्ता धारा प्रवाह बोला।

The speaker spoke fluently.


हम मितव्यता से जीतें हैं।

We live frugally.


सकर्मक क्रिया के कर्म के तुरंत बाद:


प्रज्ञा संस्कृत धाराप्रवाह बोलती है।

Pragya speaks Sanskrit Fluently.


उसने अपना काम सावधानी पूर्वक किया।

He did his work carefully.


मैने अपना काम बेखूबी निभाया।

I performed my duty creditalbly.



H.v ओर m.v के बिच में क्रिया की विशेषता बताने में


मैने अक्सर उसे धीरे बोलने को कहा है।

I have often told her to speak slowly.


मैं उसे अवश्य खोज निकलूंगा।

I shall certainly find him out.


गांधी जी को बहुत आदर किया जाता था।

Gandhi ji Was greatly esteemed.


विशेष्य्य शब्द के पहले जब अन्य adv/adj को qualify करें।


वह बहुत अच्छा धावक है।

He is a very good runner.


वह बहुत जोर से हंसता है।

He laughs extremely loudly.


इतना धीमा न बोलें।

Do not speak so slowly.


उसमे वहां जीने की पर्याप्त हिम्मत थी।

He was bold enough.


वह इतना जोर से बोली कि सुना जा सके।

She spoke loud enough to be heard.


वह इतना सीधा था कि उस दुष्ट से धोखा खा गया।

He was simple enough to be deceived by that rogue.





Adverb of time (always,ever,..) Ko उस क्रिया के पहले जिसकी विशिषेता बताए


  1. धर्मराज सदा सच बोलते थे।

Dharmaraj always spoke the truth.

  1. वह शायद ही गलती करता है।

He seldom makes a mistake.


  1. तुम कभी कभी मायूसी महसूस करते हो।

You sometimes feel depressed.


  1. संयोग से कभी कुछ नहीं होता।

Nothing ever happens by chance.


  1. अपने गांव में रहते हुवे मैं बहुदा उससे मिलने जाता था।

I frequently visited her while living in My village.




Manner,means, instrument, बताने वाले AV, वाक्य के अंत में प्रयोग किया जाता है


लड़कियां पाठशाला बस से जाती है।

The girls go to school by bus.


उन्होंने तथ्यों का परिक्षण सूक्ष्मता से किया।

They examined the facts microscopically.



Passive voice में AV को आमतौर पर मध्य में रखा जाता है

  1. आज यहां अंतर्राष्ट्रीय निरात्रिकरण के प्रश्न पर विचार विमर्श औपचारिक रुप से प्रारम्भ किया।


Discussions were formally started here today on the question of international disarmament.



How, से स्टार्ट होने वाले exclamatory /questions वाक्यों में how के तुरंत बाद


  1. How High is Qutub Minar?

  2. How deep is the Pacific Ocean?

  3. How well does she speak?

  4. How fast does the train move?

  5. How sweetly she sings?



Adv of place को वाक्य के अंत में


  1. The meeting will be upstairs.

  2. The player managed to hit the ball into the goal.


Recently,once आदि को कही भी

  1. Recently,she had an accident.

  2. She recently had an accident

  3. She had an accident recently.



Time सूचक adv; 

She is just completing her work. (Just हमेशा मध्य में दे)


She is now/then living in Delhi.


She is living in Delhi now/then.



Combination Time duration ADV वाक्य के अंत में आता है

  1. वह ग्रीष्म में शिमला में रहेगी।

She will be on Simla for the Summer.

  1. नर्स रात भर ड्यूटी पर थी।

The nurse was on duty all night long.

  1. मैं यहां गत रविवार से रुका हूं।

I have been staying here since last Sunday.


Comparison ADV

  1. वह जितनी भी मेहनत कर सकता है, करता है।

He works as hard as he can.

  1. वह जितनी भी स्पष्ट बोल सकती थी बोली।

She spoke as clearly as she could.

  1. उसने मेरी उम्मीद से पहले ही प्रश्न हल कर दिया।

He solved the problem earlier than I had expected.

  1. वह अपनी शिक्षिका से भी बेहतर नृत्य करती हैं।

She dances better than her teacher.

  1. सातों धावकों में पीटी ऊषा सबसे तेज दौड़ी।

PT Usha ran fastest of all the seven runners.

  1. उसने बहुत मूर्खतापूर्ण व्यवहार किया।

He behaved most foolishly.


  1. राणा प्रताप बड़ी बहादुरी से लड़े।

Rana Pratap fought most courageously.


Only,merely,not, never का use का प्रयोग उस शब्द के पहले करें जिसे प्रभावित करना है।


  1. केवल उसने ही मुझे कलम दिया।

Only he lent me a pen.

  1. उसने मुझे कलम केवल उधार दिया।

He Only lent me a pen.

  1. उसने केवल मुझे पेन दिया।

He lent only me a pen.

  1. उसने मुझे केवल कलम दिया।

He lent me only a pen.

  1. They merely come to enquire about My father.

  2. I merely asked her address.

  3. All of us are not reach 

  4. This month the chief minister will be in the office everyday.


Definite time denoting ADV वाक्य के अंत में आता है।

  1. The cabinet meeting takes place weekly.


Indefinite time frequency denoting ADV क्रिया के पहले आता है।

  1. The father generally leaves Home at seven in the morning. 

  2. Does she really dress well?

  3. He regularly engages in his class in the evening.

  4. The train often runs late.


Ex


  1. मई जून मे जोधपुर अत्धिक गर्म हो जाता है।

It gets quite hot in jodhpur in May - June.

  1. वह निश्चीत रूप से यह गलती करने जा रहा है।

He is definitely going to commit this mistake.

  1. वह उसे वास्तव में प्यार करती है।

He really loves him.


  1. मैं उससे पूर्णत सहमत हूं।

I entirely agree with her.

  1. वह मेरी उपेक्षा नहीं कर सकता है।

He can scarcely/hardly ignore me.

  1. वह मुझे कमोबेश पसन्द है।

I rather like him.

  1. जाड़े की ऋतु में माउंट आबू बहुत ठंडा हो जाता है।

Mt Abu gets too cold in winter.

  1. उसने मेरे निवेदन की पुर्ण उपेक्षा की।

He completely ignored my request.

  1. वर्ष के अधिकांश समय में श्रीलंका काफी गर्म रहता है।

It is pretty hot in Sri Lanka for most part of the year.

  1. हमलोग आजकल यदा कदा ही मिलते हैं।

We seldom see each other nowadays.

  1.  वह 5 बजे के पश्चात् कार्यालय में कभी नहीं रहता।

He is never in the office after five.

  1. स्टेशन यहां से मुश्किल से एक मील होगा।

It is hardly a mile to the station.



Semi negative ADV: seldom,never,hardly, scarcely का प्रयोग वाक्य के शुरु में भी किया जा सकता है।


  1. मानव प्रयत्नों के इतिहास में कभी भी इतना अधिक इतने कम लोगो के पास नही रहा।

Never in the annals of human endeavour was so much owned by so many to so few.

  1. हमने कभी भी इतनी दुविधा की स्थति नही महसूस की।

Never have we had such confusion.

Ex. Translate into Hindi 

  1. I have warned you again and again not to tell a lie.

  2. He is intelligent,hard working and,a very,sincere friend.

  3. Nothing more can be done,at present.

  4. Your first and foremost duty is to look after your ailing parents.

  5. She was drenched through and through.

  6. He read the Ramayana through and through.

  7. Twenty years ago such sights were common.


  • Translate into English

  • unchecked

    चुकी वह कई वर्षों से बीमार था, इसलिए वह बहुत कमज़ोर हो गया है।

  • unchecked

    आपने जो मेरे ऊपर कृपा की है, उसके लिए मैं आपका आभारी रहूंगा।

  • unchecked

    यह वही विद्यार्थी है जिसे आप वजीफा देना चाहते थे।

  • unchecked

    सरला और विमला निकटाथ सम्बंधी है।

  • unchecked

    तुमने सिगरेट पीना कब से शुरु कर दिया?

  • unchecked

    किसी ने सच कहा है कि " लालच बुरी बला"है।

  • unchecked

    ऐसा संयोग हुआ कि जिस वक्त वह घर पहुंची हम घर पर ही थे 

  • unchecked

    भारत के प्रधान मंत्री मोदी न केवल अच्छे वक्ता है वरन प्रखर चिंतक के साथ साथ अच्छे नेता भी है।






सम्बंध बोधक अव्यय वाक्य (preposition)

Uses: हिंदी में उस संज्ञा सर्वनाम के बाद जिसको प्राभावित करता है जबकि अंग्रेजी में उस शब्द के पहले रखा जाता है।


  1. हमे निर्धन साथियों की ओर भी ध्यान देना चाहिए।

We should pay attention to our poor friends too.

  1. बाहर जाने से पहले मुझसे मिलना।

Meet me before you go out.

  1. यह पुस्तक आपके लिए है

This book is for you.

  1. उसने मुझे फूलों का गुलदस्ता दिया।

He gave me a bouquet of flowers.

  1. वह इस घर में रहता है।

He lives in this house.

  1. मेरे साथ आओ!

  2. Come with me.


कारक और संबंध अव्यय का use

  • ने: कर्ता कारक: nominative अर्थात कर्ता की पहचान कराने वाले। अंग्रेजी अनुवाद में यह subject में विलीन हो जाता है अलग से कुछ नही देना होता है।

  1. राम ने फल खाया।

Ram ate fruit.

  1. कावेरी ने पुस्तक पढ़ी।

Kaveri read the book.


को: कर्म कारक: transitive Verb के बाद सीधा ऑब्जेक्ट रख दिया जाता है। अलग से कुछ नही देना चाहिए।

  1. विद्यार्थी को भूख लगी।(स्टूडेंट्स=कर्म , को के पहले वाले कर्म)

The student felt hungry.

  1. लड़की को प्यास लगी।

The girl felt thirsty.

  1. अध्यापक को दुख हुआ।

The teacher felt unhappy.

  1. दुर्वासा को क्रोध आया।

Durvasa felt angry.

  1. पत्नी को बुखार है।

The Wife has fever.

  1. लड़की को याद नहीं ।

The girl does not remember.

  1. शराबी को होश नहीं।

The drunkard is not in his senses.

  1. बाप को खोया पुत्र मिला।

The father happened to meet his lost son.

  1. राम ने लड़की को देखा।

Ram saw the girl.

  1. बहन ने भाई को बुलाया।

The sister called the brother.

  1. पत्थरों को फेंक दिया गया।

The stones were thrown away.

  1. घरों को सजाया गया।

Houses were decorated.

  1. नर्स को बुलाया जाएगा।

The nurse will be called.


को " का अंग्रेजी में prep


  1. मां बच्चों को फल देती है।

The mother gives fruits to the children.

  1. पिता ने पुत्र को पत्र लिखा।

The father wrote a letter to the son.

  1. गाय को चारा दो।

Give fodder to the cow.

  1. शाम को आओ।

Come in the evening.

  1. हरी दस फ़रवरी को आया।

Hari came on 10th February.

  1. वह मंगलवार को जाएगा।

He will go on Tuesday.

  1. साधना दोपहर को आती है।

Sadhana comes at noon.


"से" : करण कारक: अलगाव की भाव: by,with,from,to,since,for, than, of,in,on,at, before, below

Passive voice 

  1. राम से पत्र नहीं लिखा जाता 

Ram is unable to write a letter.

  1. मोटे महाशय से दौड़ा नहीं  गया।

The fat man could not run.


In indirect object (person) to say,ask..clam,beg

  1. पिता ने पुत्र से कहा कि..

The father told the son that.

  1. पुत्री ने मां से कहा कि..

The daughter said to mother..

  1. अध्यापक ने विद्यार्थी से पूछा।

The teacher asked the students.

  1. वह मुझ से बोला।

He spoke to me.


Means/ instrument/


  1. तार से समाचार दो।

Send news by telegram.

  1. वह कार से सफर करता है

He travels by car.




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